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How to prevent and treat Constipation – क़ब्ज़ का उपचार, क़ब्ज़ से बचने के घरेलू उपाय

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How to prevent and treat Constipation – क़ब्ज़ का उपचार, क़ब्ज़ से बचने के घरेलू उपाय क़ब्ज़ पेट से जुड़ी एक समस्या है जिसे बद्धकोष्टता (Costiveness) के नाम से भी जाना जाता है इस रोग में मल त्यागने में कठिनाई का अनुभव होता है। पाचन में लगातार किसी तरह की समस्या की वजह से क़ब्ज़ की शिकायत होती है। प्रत्येक व्यक्ति में मलत्याग के बीच की अवधि में अंतर होता है। कुछ लोग दिन में तीन बार शौच करने जाते हैं तो कई लोग केवल एक बार ही या सप्ताह में दो बार तक ही शौच करते हैं। तीन दिन में एक बार मलत्यागने को एक लंबी अवधि माना जाता है। इस लंबी अवधि के पश्चात पखना सख्त हो जाता है जिसे क़ब्ज़ या कॉन्स्टीपेशन (constipation) कहा गया है। यह माना जाता है कि ऐसे लोग जो अपने आहार में पर्याप्त रूप से फाइबर या रेशेदार चीज़ें नहीं लेते उन्हें अक्सर क़ब्ज़ की शिकायत होती है। ऐसे भोजन में उच्च मात्रा में वसा मौजूद होती है जैसे बटर, चीज़, मांस अंडे आदि। अगर आप भी ये सब लेते हैं तो ध्यान रखें कि आपको निश्चित रूप से फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और रेशेदार चीज़ें लेने की आवश्यकता है। पेट फूलना, जीभ में जमी मोटी परत का अनुभवपेट ...

पाचन क्रिया कामजबूत ना होना और इसे मजबूत करने के उपाय

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पाचन क्रिया कामजबूत ना होना और इसे मजबूत करने के उपाय अनहेल्थी लाइफस्टाइल और खाने पीने की बुरी आदतों का बुरा प्रभाव  हमारे डाइजेशन पर पड़ता है। पाचन शक्ति मजबूत ना होने पर पेट में गैस, क़ब्ज़,अल्सर, मोटापा, दुबलापन, बदहज़मी, पेट और लिवर की बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है, इसलिए जरुरी है की पाचन क्रिया ठीक करने के तरीके किये जाये। इस लेख में हम पढ़ेंगे पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय और देसी घरेलू नुस्खे… कमजोर पाचन क्रिया के कारण : बेवक़्त खाना नींद पूरी ना लेना तनाव अधिक लेना फास्ट फुड अधिक खाना जल्दी जल्दी भोजन खाना शारीरिक क्रिया कम होना एक ही जगह कई घंटे लगातार बैठ कर काम करना।  घरलू उपाय  : एक छोटा टुकड़ा अदरक ले और इस पर नींबू का रस डाल कर चूसे, इस घरेलू नुस्खे से पाचन क्रिया बढ़ती है। काला नमक, जीरा और अजवाइन बराबर मात्रा में ले और मिक्स करके इस मिश्रण का एक चम्मच पानी के ले। अजवाइन के पानी से भी पाचन मजबूत होता है।⁠⁠⁠⁠ स्वस्थ शरीर पाने लिए पाचन ठीक होना आवश्यक है। हम जो कुछ भी खाते है उसे पाचन तंत्र शरीर में पहुंचाता है। पाचन तंत्र भोजन को ऊर...

🌺ल्यूकोप्लेकिया (leukoplakia)- एक प्रकार का खुजली -रोग🌺

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🌺ल्यूकोप्लेकिया (leukoplakia)- एक प्रकार का खुजली -रोग🌺 ➖➖➖➖➖➖➖➖ ⚫ल्यूकोप्लेकिया एक ऐसा रोग है जिसका आम लोगों ने नाम भी नहीं सुना होगा , इसके बारे में जानकारी होना तो बहुत ही दूर की बात है बल्कि जिसे यह रोग होता है वह इसे खुजली रोग समझता है और खुजली दूर करने के उपाय भी करता है पर यह खुजली ठीक नहीं होती है तब वह किसी अनुभवी चिकित्सक की सहायता लेता है तभी उसे इस रोग की जानकारी मिलती है l 🌺लक्षण : इस रोग में श्लेष्मकला पर सफ़ेद दाग पड़ जाते हैं जैसे ल्यूकोडर्मा रोग होने पर पड़ जाते हैं lल्यूकोडर्मा को हिंदी में श्वेत कुष्ठ कहते हैं ल्यूकोडर्मा और ल्यूकोप्लेकिया में अंतर यह है की सफ़ेद दाग तो दोनों में होते हैं पर ल्युकोप्लेकिया में खुजली भी चलती है और वह भी इतनी कि रोगी बार -बार खुजाने के लिए विवश हो जाता है जबकि ल्यूकोडर्मा में खुजली नहीं चलती है l यह रोग ज्यादातर गाल के अन्दर वाले भाग में , जीभ पर और महिलाओं के जनांगो में होता है l जिन महिलाओं को यह रोग होता है उन्हें इस रोग से होने वाली तेज खुजली के कारण किसी के सामने बैठने या सोसायटी में आनेजाने और उठने बैठने में बहुत ही प...

चक्कर आने के कारण व उपचार--

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चक्कर आने के कारण व उपचार--    पेट में गैस होना,लीवर की गड़बड़ी, मस्तिष्क की कमजोरी और सिर का अधिक तापमान होना, यह सब चक्कर आने के मुख्य कारण है । उपचार-(1) 7-8मुनक्का के बीज निकालकर एक गिलास दूध में अच्छी तरह उबालें।रोज सुबह शाम मुनक्का खाकर दूध पीने से चक्कर का आना ठीक होता है। 2. एक चम्मच पीसी हुई सौंठ लेकर इसमें दो चम्मच घी मिलाकर गर्म करें और साथ ही दो चम्मच शक्कर मिला लें ।इसे 15दिन तक दिन में एक बार खाने से चक्कर का आना ठीक होता है । 3. दो चम्मच शक्कर में दो चम्मच पीसा हुआ धनिया मिलाकर खूब चबा चबाकर खाने से चक्कर का आना ठीक हो जाता है ।

कुदरती पदार्थों से करें कब्ज का इलाज::

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कुदरती पदार्थों से करें कब्ज का इलाज:: १—कब्ज का मूल कारण शरीर मे तरल की कमी होना है। पानी की कमी से आंतों में मल सूख जाता है और मल निष्कासन में जोर लगाना पडता है। अत: कब्ज से परेशान रोगी को दिन मे २४ घंटे मे मौसम के मुताबिक ३ से ५ लिटर पानी पीने की आदत डालना चाहिये। इससे कब्ज रोग निवारण मे बहुत मदद मिलती है। २…भोजन में रेशे की मात्रा ज्यादा रखने से कब्ज निवारण होता है।हरी पत्तेदार सब्जियों और फ़लों में प्रचुर रेशा पाया जाता है। मेरा सुझाव है कि अपने भोजन मे करीब ७०० ग्राम हरी शाक या फ़ल या दोनो चीजे शामिल करें। ३… सूखा भोजन ना लें। अपने भोजन में तेल और घी की मात्रा का उचित स्तर बनाये रखें। चिकनाई वाले पदार्थ से दस्त साफ़ आती है। ४..पका हुआ बिल्व फ़ल कब्ज के लिये श्रेष्ठ औषधि है। इसे पानी में उबालें। फ़िर मसलकर रस निकालकर नित्य ७ दिन तक पियें। कज मिटेगी। ५.. रात को सोते समय एक गिलास गरम दूध पियें। मल आंतों में चिपक रहा हो तो दूध में ३ -४ चम्मच केस्टर आईल (अरंडी तेल) मिलाकर पीना चाहिये। ६..इसबगोल की की भूसी कब्ज में परम हितकारी है। दूध या पानी के साथ २-३ चम्मच इसब...

मुलेठी के फायदे

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मुलेठी के फायदे  | मुलेठी , ज्येष्ठी मधु मुलेठी बहुत गुणकारी औषधि है। मुलेठी के प्रयोग करने से न सिर्फ आमाशय के विकार बल्कि गैस्ट्रिक अल्सर के लिए फायदेमंद है। इसका पौधा 1 से 6 फुट तक होता है। यह मीठा होता है इसलिए इसे ज्येष्ठीमधु भी कहा जाता है। असली मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार एवं हल्की गंधवाली होती है। यह सूखने पर अम्ल जैसे स्वाद की हो जाती है। मुलेठी की जड़ को उखाड़ने के बाद दो वर्ष तक उसमें औषधीय गुण विद्यमान रहता है। ग्लिसराइजिक एसिड के होने के कारण इसका स्वाद साधारण शक्कर से पचास गुना अधिक मीठा होता है। मुलेठी के गुण - - यह ठंडी प्रकृति की होती है और पित्त का शमन करती है . मुलेठी को काली-मिर्च के साथ खाने से कफ ढीला होता है। सूखी खांसी आने पर मुलेठी खाने से फायदा होता है। इससे खांसी तथा गले की सूजन ठीक होती है। - अगर मुंह सूख रहा हो तो मुलेठी बहुत फायदा करती है। इसमें पानी की मात्रा 50 प्रतिशत तक होती है। मुंह सूखने पर बार-बार इसे चूसें। इससे प्‍यास शांत होगी। - गले में खराश के लिए भी मुलेठी का प्रयोग किया जाता है। मुलेठी अच्‍छे स्‍वर के लिए भी प्रयोग की जा...

दिमाग को तेज करने वाली 10 विशेष जड़ी-बूटियां

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दिमाग को तेज करने वाली 10 विशेष जड़ी-बूटियां दिमाग हमारे शरीर को वो हिस्‍सा है जिसके संकेत के बिना शरीर का कोई भी अंग काम नहीं कर सकता। लेकिन कई बार बढ़ती उम्र, गलत आदतों, नशे और आवश्यक पोषक तत्वो की कमी आदि से याददाश्त कमजोर होने लगती है। लेकिन अपने आहार में कुछ विशेष जड़ी-बूटियों को शमिल करके आप अपने दिमाग को तेज कर सकते हैं। आइए जानें ऐसी कौन सी जड़ी-बूटियां है जिनको अपने आहार में शमिल कर आप आसानी से तेज दिमाग पा सकते हैं। 1. जटामांसी जटामांसी औषधीय गुणों से भरपूर जड़ी-बूटी है। इसे जटामांसी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी जड़ों में जटा बाल जैसे तंतु लगे होते हैं। यह दिमाग के लिए एक रामबाण औषधि है, यह धीमे लेकिन प्रभावशाली ढंग से काम करती है। इसके अलावा यह याददाश्त को तेज करने की भी अचूक दवा है। एक चम्मच जटामासी को एक कप दूध में मिलाकर पीने से दिमाग तेज होता है। 2. ब्राह्मी बाह्मी नामक जड़ी-बूटी को दिमाग के लिए टॉनिक भी कहा जाता है। यह दिमाग को शांति और स्पष्टता प्रदान करती है और याद्दाश्त को मजबूत करने में भी मदद करती है। आधे चम्मच बाह्मी के पाउडर और शहद को गर्म पानी म...